vet
Advertisement
गायों में रिटेन्ड प्लेसेंटा (RP) या रिटेन्ड प्लेसेंटा
गायों में रिटेन्ड प्लेसेंटा (RP), या रिटेन्ड फीटल मेम्ब्रेन (RFM), वह कंडीशन है जब प्लेसेंटा ब्याने के 12-24 घंटे के अंदर बाहर नहीं आता है। यह आमतौर पर तब होता है जब फीटस के अंदरूनी हिस्से (कॉटिलेडन) यूट्रस (कारुनकल) से अलग नहीं होते हैं। यह प्रॉब्लम यूट्रस की मसल्स की कमजोरी या इम्यूनिटी की कमी के कारण होती है, जिससे दूध का प्रोडक्शन कम हो जाता है और यूट्रस (मेट्राइटिस) में सूजन का खतरा बढ़ जाता है।
रिटेन्ड प्लेसेंटा के खास पहलू:
डेफिनिशन: ब्याने के 12-24 घंटे बाद भी प्लेसेंटा का बाहर न आना।
सिम्टम: अक्सर जानवर की वल्वा से एक भूरा, बदबूदार प्लेसेंटा लटका हुआ देखा जाता है। कभी-कभी प्लेसेंटा पूरी तरह से अंदर रहता है, जिससे बदबूदार डिस्चार्ज होता है। कारण और जोखिम:
मैनेजमेंट: सूखे मौसम में खराब डाइट, खासकर सेलेनियम और विटामिन E जैसे मिनरल की कमी।
डिलीवरी के दौरान कॉम्प्लीकेशंस: जुड़वाँ बच्चे, डिस्टोसिया, स्टिलबर्थ, प्रीमैच्योर या फोर्स्ड डिलीवरी।
हेल्थ प्रॉब्लम्स: मिल्क फीवर (कैल्शियम की कमी)।
ट्रीटमेंट और केयर:
थन को हाथ से हटाने से बचें: ऐसा करने से अक्सर यूट्रस को नुकसान हो सकता है और इन्फेक्शन हो सकता है।
ट्रीटमेंट: जानवरों के डॉक्टर एंटीबायोटिक्स (इंजेक्शन या इंट्रायूटेराइन दवा) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नेचुरल इलाज: इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए अच्छी डाइट और साफ माहौल ज़रूरी है।
असर: ब्लॉक्ड डक्ट्स की वजह से दूध का प्रोडक्शन लगभग 7% तक कम हो सकता है।
बचाव के तरीके:
पक्का करें कि जानवर को बच्चा देने से पहले बैलेंस्ड डाइट और ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स (विटामिन E और सेलेनियम) मिलें।
बच्चा देने की जगह को साफ और स्ट्रेस-फ्री रखें।
बच्चा देने के बाद पहले 24 घंटों के दौरान गाय पर करीब से नज़र रखें।
गायों में रिटेन्ड प्लेसेंटा (RP), या रिटेन्ड फीटल मेम्ब्रेन (RFM), वह कंडीशन है जब प्लेसेंटा ब्याने के 12-24 घंटे के अंदर बाहर नहीं आता है। यह आमतौर पर तब होता है जब फीटस के अंदरूनी हिस्से (कॉटिलेडन) यूट्रस (कारुनकल) से अलग नहीं होते हैं। यह प्रॉब्लम यूट्रस की मसल्स की कमजोरी या इम्यूनिटी की कमी के कारण होती है, जिससे दूध का प्रोडक्शन कम हो जाता है और यूट्रस (मेट्राइटिस) में सूजन का खतरा बढ़ जाता है।
रिटेन्ड प्लेसेंटा के खास पहलू:
डेफिनिशन: ब्याने के 12-24 घंटे बाद भी प्लेसेंटा का बाहर न आना।
सिम्टम: अक्सर जानवर की वल्वा से एक भूरा, बदबूदार प्लेसेंटा लटका हुआ देखा जाता है। कभी-कभी प्लेसेंटा पूरी तरह से अंदर रहता है, जिससे बदबूदार डिस्चार्ज होता है। कारण और जोखिम:
मैनेजमेंट: सूखे मौसम में खराब डाइट, खासकर सेलेनियम और विटामिन E जैसे मिनरल की कमी।
डिलीवरी के दौरान कॉम्प्लीकेशंस: जुड़वाँ बच्चे, डिस्टोसिया, स्टिलबर्थ, प्रीमैच्योर या फोर्स्ड डिलीवरी।
हेल्थ प्रॉब्लम्स: मिल्क फीवर (कैल्शियम की कमी)।
ट्रीटमेंट और केयर:
थन को हाथ से हटाने से बचें: ऐसा करने से अक्सर यूट्रस को नुकसान हो सकता है और इन्फेक्शन हो सकता है।
ट्रीटमेंट: जानवरों के डॉक्टर एंटीबायोटिक्स (इंजेक्शन या इंट्रायूटेराइन दवा) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नेचुरल इलाज: इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए अच्छी डाइट और साफ माहौल ज़रूरी है।
असर: ब्लॉक्ड डक्ट्स की वजह से दूध का प्रोडक्शन लगभग 7% तक कम हो सकता है।
बचाव के तरीके:
पक्का करें कि जानवर को बच्चा देने से पहले बैलेंस्ड डाइट और ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स (विटामिन E और सेलेनियम) मिलें।
बच्चा देने की जगह को साफ और स्ट्रेस-फ्री रखें।
बच्चा देने के बाद पहले 24 घंटों के दौरान गाय पर करीब से नज़र रखें।
Advertisement
Where is it happening?
Gopal Nagar, Amritsar, Punjab, India
Event Location & Nearby Stays:
Know what’s Happening Next — before everyone else does.
Host or PublisherVeterinary pharma