SPAD
Schedule
Sun, 05 Apr, 2026 at 12:00 am
UTC+05:30Location
European Colony | Varanasi, UP
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SPAD होने के प्रमुख कारण-*1) बहुत छोटे समय की एकाग्रता का भंग होना-* एसा होने के कई कारण है जिनपर मैं विस्तार में बताता हूँ
a) परिवार में किसी नज़दीकी की बीमारी-ऐसे मे एक दिमागी खटक हमेशा आपके साथ रहती है, कभी कभी गाडी संचालन के दौरान हम अल्पावधि के लिए मानसिक रूप से अनुपस्थित हो जाते हैं जिससे संरक्षा प्रभावित होती है।
b) गृह कलेश - क्रू 72(O.S)-16(H.Q)-72(O.S) घंटे के सिद्धांत पर कार्य करता है, ऐसे मे आप सात दिन में सिर्फ़ 16 घंटे परिवार को दे पाते हैं जिसमें से 8 घंटे सोने में जाते हैं अर्थात आप सात दिन की अवधी में महज़ आठ घंटे के लिए अपने परिवार के लिए उपलब्ध थे ऐसे में क्रू की पत्नी पर बच्चों के, घर के काम के साथ साथ बाहर के जरूरी काम का भी बोझ आ जाता है ऐसे में उसका जायज गुस्सा घर में गृह कलेश का कारण बनता है। और इन सबके बाद क्रू से आसा की जाती है कि वह प्रसन्नचित्त होकर कार्य करे।
c) संतान प्राप्ति- यह एक एसा कारण है जसपर क्रू शर्म या लोकलाज के कारण बात ही नहीं करता। सामान्य बायोलॉजी यह है कि महिला की फर्टाइल विंडो माह में 24-48 घंटे के लिए ही उपलब्ध होती है, इस दौरन मिलन न होने पर संतान प्राप्ति संभव नही होती। 72(O.S)-16(H.Q)-72(O.S) के नियम के कारण क्रू को कई बार सालों साल प्रयास को बावजूद संतान प्राप्ति नही हो पाती जो कि उसके मानसिक असंतुलन का कारण बनता है।
d) समाज से अलगाव- शाम को दोस्तों के साथ घूमना, कुछ वक्त साथियो के साथ खेलना कूदना, नजदीकी रिस्तेदारी में शुभ कार्यक्रमों में शामिल होना और मनुष्य रूपी सामाजिक भागीदारी निभाने पर सर्वाधिक मन प्रसन्नतित रहता है जो कि इस नौकरी की लाइफस्टाइल में संभव नही है ऐसे में मनुष्य अपने सामान्य एकाग्री लक्षणों को भूलकर रोबोट की तरह Play&Pause मोड में चला जाता है और किसी भी दिन गलती कर बैठता है।
e) प्राकृतिक निद्रा- रात के अंधेरे में नींद ज्यादा आने का कारण मेलाटोनिन का बढ़ना और जैविक घड़ी का प्रभाव है। जैविक घडी का सिद्धांत देने वाले को नोबेल मिल चुका है और हमारी रेलवे नोबल पुरस्कार वालो को अपनी जूती पर रखती है और रात में नींद न आए इसके निवारण बताती फिरती है जबकि यह सामान्य बायोलॉजी है जो कि हार्मोन द्वारा नियंत्रत होती है जिसे मनुष्य मनोशक्ति से कुछ हद तक कंट्रोल तो कर सकता है परंतु उसपर जीत नहीं सकता। ऐसे में रात की सिंगल बीट वर्किंग खासकर 18-08HRS वर्किंग में जो काम करते हैं वही इसे समझते है, मैं चुनौती दे सकता हूँ कि कोई अधिकारी इस वन बीट में बिना माइक्रोस्लीप में जाए वर्क करके नही दिखा सकता और जब रोज यही 4-5 रात करना पड जाये तो यह एक मौत के कुएं में जाने जैसा होता है और भगवान भरोसे गाडी चलती है यही सत्य है।
*निचोड़ सिर्फ इतना है कि Week 5 day working हो और वन फुल बीट की कोई नाइट वर्किंग न हो। दो से ज्यादा कोई नाइट वर्किग न हो। माता पिता के इलाज को रेलवे अस्पताल में मंजूरी मिले। साल में 10 छुट्टी की गारंटी का अधिकार , यानि जब मांगे तब मिले। साल में पांच दिन की एक फैमिली होलिडे की ट्रिप मिले। वर्ष में कम से कम एक त्यौहार मनाने का अवसर मिले। और सबसे जरूरी लोको पायलट के निजी कारण से मालगाडी को 15 मिनट और पैसेंजर गाडी को 5 मिनट तक के डिंटेसन पर कोई कार्यवाही न हो। यह पायलट द्वारा की जाने वाली जल्दबाज़ी और हड़बड़ी के कारण होने वाली गलती की रोकथाम करेगा।*
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Where is it happening?
European Colony, suruchi sasnthan,Mughalsarai, Varanasi, IndiaEvent Location & Nearby Stays:
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