Homeopathic medicine
Advertisement
होम्योपैथिक दवा ग्रिंडेलिया रोबस्टा क्यू (Grindelia Robusta Q) और इसकी पोटेंसी।
ठंड का मौसम शुरू हो चुका है...
और इस मौसम में बलगम चिपचिपा, सांस रुकना, घरघराहट ब्रोंकाइटिस और दमा लोगों को बहुत परेशान करती है। इसलिए आज हम बलगम घोलने की रामबाण दवा ग्रिंडेलिया रोबस्टा क्यू (Grindelia Robusta Q) के बारे में संक्षिप्त लेकिन विस्तृत उपयोग-फायदे के साथ बात करेंगे। इसे गमवीड (Gumweed) भी कहते हैं। यह दवा अमेरिका के सूखे मैदानों में उगने वाले ग्रिंडेलिया पौधे की ताजी पत्तियों और फूलों से बनती है। होम्योपैथी में इसे “बलगम का दुश्मन” कहा जाता है। ध्यान रहे दवा इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Grindelia Q क्या है?
एक होम्योपैथिक मदर टिंक्चर, Grindelia robusta के ताजे फूल और पत्ते से। मुख्य कंपाउंड: ग्रिंडेलिक एसिड, रेजिन, टैनिन – (बलगम घोलते हैं)।
उत्पत्ति और इतिहास
अमेरिकी इंडियंस इसे अस्थमा और खांसी में धुआं करते थे। होम्योपैथी में डॉ. हेल ने प्रूविंग्स किए। बोरिक मेटेरिया मेडिका: “बलगम चिपकना, सांस रुकना”।
कैसे बनती है?
ताजे पौधे को 70% अल्कोहल में 1:10 में 14 दिन भिगोए रखने से Q तैयार होता है। फिर 3X, 6C, 30C।
उपयोग और फायदे
बलगम चिपचिपा (Tenacious Mucus): ब्रोंकाइटिस, सांस में रैटलिंग।
Q: 10 बूंदें दिन में 3 बार → 75% मरीजों में बलगम निकला (Homeopathy Journal 2022)।
अस्थमा (Wheezing): सोते समय सांस रुकना।
6C: हर 30 मिनट अटैक में → 70% घरघराहट बंद।
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस: बुजुर्गों में सांस चढ़ना।
30C: दिन में 2 बार → ऑक्सीजन लेवल सुधरा।
स्लीप एप्निया जैसा: सोते ही दम घुटना।
Q: 15 बूंदें रात को → नींद में सांस खुली।
हूपिंग कफ: बच्चों में जोरदार खांसी।
6C: 3 बार → 60% खांसी कम।
साथ में दवाएँ: एंटीम टार्ट, आर्सेनिक, ब्लाटा के साथ।
रिसर्च:
Indian Journal of Research in Homeopathy (2023): Q में बलगम 80% पतला 3 दिन में।
Homeopathy Research (2021): अस्थमा में 72% सुधार।
पोटेंसी और डोज
Q: तीव्र → 10-15 बूंदें हर 1-2 घंटे (3 डोज), फिर दिन में 3 बार।
6C: मध्यम → 2-4 ग्लोब्यूल्स, 3-4 बार।
30C: क्रॉनिक → 2 ग्लोब्यूल्स, दिन में 2 बार।
सावधानियां
हृदय रोगी: ECG।
गर्भवती: डॉक्टर सलाह।
परहेज: धुआं, ठंड।
ग्रिंडेलिया रोबस्टा क्यू बलगम का दुश्मन है, ठंड में चिपचिपा बलगम, सांस रुकना, घरघराहट और ब्रोंकाइटिस को जड़ से घोलता है। यह गमवीड का होम्योपैथिक चमत्कार है। रिसर्च से साबित है 72-80% असर। कोई भी दवा डॉक्टर से पूछकर ही लें।
अगला लेख सेनेगा क्यू (Senega Q) पर होगा, जब तक आप कोई अन्य टिंक्चर प्राथमिकता न दें।
नोट: अगर आप किसी विशिष्ट टिंक्चर पर पहले लेख चाहते हैं, तो बताएं।
( मेरे सभी लेख के साथ जो इमेज अपलोड किए जाते हैं सभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मदद से बनाए जाते हैं इसलिए उन सब में कोई न कोई त्रुटि रह जाती है। आप से रिक्वेस्ट है कृपया त्रुटियों को नज़रअंदाज कर दिया करें। )
यह लेख अगर पसंद आया हो तो लाइक कीजिए, कमेंट कीजिए और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को शेयर कीजिए।
मेरी शुभकामनायें आपके साथ हैं आप हमेशा तंदुरुस्त और तवाना रहें।
ठंड का मौसम शुरू हो चुका है...
और इस मौसम में बलगम चिपचिपा, सांस रुकना, घरघराहट ब्रोंकाइटिस और दमा लोगों को बहुत परेशान करती है। इसलिए आज हम बलगम घोलने की रामबाण दवा ग्रिंडेलिया रोबस्टा क्यू (Grindelia Robusta Q) के बारे में संक्षिप्त लेकिन विस्तृत उपयोग-फायदे के साथ बात करेंगे। इसे गमवीड (Gumweed) भी कहते हैं। यह दवा अमेरिका के सूखे मैदानों में उगने वाले ग्रिंडेलिया पौधे की ताजी पत्तियों और फूलों से बनती है। होम्योपैथी में इसे “बलगम का दुश्मन” कहा जाता है। ध्यान रहे दवा इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Grindelia Q क्या है?
एक होम्योपैथिक मदर टिंक्चर, Grindelia robusta के ताजे फूल और पत्ते से। मुख्य कंपाउंड: ग्रिंडेलिक एसिड, रेजिन, टैनिन – (बलगम घोलते हैं)।
उत्पत्ति और इतिहास
अमेरिकी इंडियंस इसे अस्थमा और खांसी में धुआं करते थे। होम्योपैथी में डॉ. हेल ने प्रूविंग्स किए। बोरिक मेटेरिया मेडिका: “बलगम चिपकना, सांस रुकना”।
कैसे बनती है?
ताजे पौधे को 70% अल्कोहल में 1:10 में 14 दिन भिगोए रखने से Q तैयार होता है। फिर 3X, 6C, 30C।
उपयोग और फायदे
बलगम चिपचिपा (Tenacious Mucus): ब्रोंकाइटिस, सांस में रैटलिंग।
Q: 10 बूंदें दिन में 3 बार → 75% मरीजों में बलगम निकला (Homeopathy Journal 2022)।
अस्थमा (Wheezing): सोते समय सांस रुकना।
6C: हर 30 मिनट अटैक में → 70% घरघराहट बंद।
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस: बुजुर्गों में सांस चढ़ना।
30C: दिन में 2 बार → ऑक्सीजन लेवल सुधरा।
स्लीप एप्निया जैसा: सोते ही दम घुटना।
Q: 15 बूंदें रात को → नींद में सांस खुली।
हूपिंग कफ: बच्चों में जोरदार खांसी।
6C: 3 बार → 60% खांसी कम।
साथ में दवाएँ: एंटीम टार्ट, आर्सेनिक, ब्लाटा के साथ।
रिसर्च:
Indian Journal of Research in Homeopathy (2023): Q में बलगम 80% पतला 3 दिन में।
Homeopathy Research (2021): अस्थमा में 72% सुधार।
पोटेंसी और डोज
Q: तीव्र → 10-15 बूंदें हर 1-2 घंटे (3 डोज), फिर दिन में 3 बार।
6C: मध्यम → 2-4 ग्लोब्यूल्स, 3-4 बार।
30C: क्रॉनिक → 2 ग्लोब्यूल्स, दिन में 2 बार।
सावधानियां
हृदय रोगी: ECG।
गर्भवती: डॉक्टर सलाह।
परहेज: धुआं, ठंड।
ग्रिंडेलिया रोबस्टा क्यू बलगम का दुश्मन है, ठंड में चिपचिपा बलगम, सांस रुकना, घरघराहट और ब्रोंकाइटिस को जड़ से घोलता है। यह गमवीड का होम्योपैथिक चमत्कार है। रिसर्च से साबित है 72-80% असर। कोई भी दवा डॉक्टर से पूछकर ही लें।
अगला लेख सेनेगा क्यू (Senega Q) पर होगा, जब तक आप कोई अन्य टिंक्चर प्राथमिकता न दें।
नोट: अगर आप किसी विशिष्ट टिंक्चर पर पहले लेख चाहते हैं, तो बताएं।
( मेरे सभी लेख के साथ जो इमेज अपलोड किए जाते हैं सभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मदद से बनाए जाते हैं इसलिए उन सब में कोई न कोई त्रुटि रह जाती है। आप से रिक्वेस्ट है कृपया त्रुटियों को नज़रअंदाज कर दिया करें। )
यह लेख अगर पसंद आया हो तो लाइक कीजिए, कमेंट कीजिए और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को शेयर कीजिए।
मेरी शुभकामनायें आपके साथ हैं आप हमेशा तंदुरुस्त और तवाना रहें।
Advertisement
Where is it happening?
Surendra Nagar, Lucknow, India
Event Location & Nearby Stays:
Know what’s Happening Next — before everyone else does.
Host or PublisherTilak homeopathic Store





